वो गुल जिस गुल्सिताँ में जल्वा-फ़रमाई करे 'ग़ालिब'
चटकना ग़ुंचा-ए-गुल का सदा-ए-ख़ंदा-ए-दिल है
“O Ghalib, wherever that flower its beauty does parade,The rosebud's bursting sound is the heart's laughter made.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
हे ग़ालिब, जिस बाग़ में वो फूल अपनी सुंदरता दिखाता है, गुलाब की कली का खिलना दिल की हँसी की आवाज़ है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
