बख़्शे है जल्वा-ए-गुल ज़ौक़-ए-तमाशा 'ग़ालिब'
चश्म को चाहिए हर रंग में वा हो जाना
“The bloom's splendor bestows the joy of sight, O Ghalib,The eye ought to be open to every single hue.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
ऐ ग़ालिब, फूल की सुंदरता देखने का आनंद देती है; आँख को हर रंग में खुला रहना चाहिए।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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