मुतरिब-ए-दिल ने मिरे तार-ए-नफ़स से 'ग़ालिब'
साज़ पर रिश्ता पए नग़्मा-ए-'बेदिल' बाँधा
“Ghalib, the minstrel of my heart, with the very strings of my breath,Tied a bond upon the instrument for Bedil's melody.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
ग़ालिब, मेरे दिल के गायक ने मेरी साँस के तारों से साज़ पर बेदिल के नग़्मे के लिए रिश्ता बाँधा।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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