ताराज-ए-काविश-ए-ग़म-ए-हिज्राँ हुआ 'असद'
सीना कि था दफ़ीना गुहर-हा-ए-राज़ का
“My breast, 'Asad', by separation's grief was plundered,That chest, a trove where many secrets' pearls were treasured.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
असद, मेरा सीना, जो रहस्यों के मोतियों का खज़ाना था, जुदाई के गम की काविश से लूट लिया गया।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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