Sukhan AI
वो नाला दिल में ख़स के बराबर जगह न पाए
जिस नाला से शिगाफ़ पड़े आफ़्ताब में

That lament finds no space in the heart, not even a straw's measure,A lament that could split the very sun asunder.

मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

वह आह, जो सूरज को भी चीर सके, दिल में एक तिनके जितनी भी जगह नहीं पाती है।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.