Sukhan AI
जिगर-ए-तिश्ना-ए-आज़ार तसल्ली न हुआ
जू-ए-ख़ूँ हम ने बहाई बुन-ए-हर ख़ार के पास

My torment-thirsty heart found no repose,A stream of blood we made by every thorn's root flow.

मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

मेरा दिल, जो दर्द का प्यासा था, उसे तसल्ली नहीं मिली। हमने हर काँटे की जड़ के पास खून की नदी बहा दी।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.