ग़ैर फिरता है लिए यूँ तिरे ख़त को कि अगर
कोई पूछे कि ये क्या है तो छुपाए न बने
“The rival carries your letter so openly, that if anyone asks what it is, he cannot possibly hide it.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
प्रतिद्वंद्वी तुम्हारे ख़त को ऐसे लिए घूम रहा है कि अगर कोई पूछे कि यह क्या है, तो उसे छुपाया न जा सके।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
