देखो ऐ साकिनान-ए-ख़ित्ता-ए-ख़ाक
इस को कहते हैं आलम-आराई
“Behold, O dwellers of this region of dust, this is what is called the adornment of the world.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
देखो, हे पृथ्वी पर रहने वालों, इसे ही संसार की सजावट कहते हैं।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
