हिलाल-आसा तही रह गर कुशादन-हा-ए-दिल चाहे
हुआ मह कसरत-ए-सरमाया-अंदाेज़ी से तंग आख़िर
“Remain empty like the crescent if the heart desires to open wide;The full moon, after all, became constricted by its abundant wealth.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
अगर दिल खुलना चाहता है, तो उसे चाँद की तरह खाली रहना चाहिए। आखिर में, पूरा चाँद अपनी अत्यधिक संपदा के कारण तंग हो गया।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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