बू-ए-यूसुफ़ मुझे गुलज़ार से आती थी 'असद'
दय ने बर्बाद किया पैरहनिस्ताँ मेरा
“The scent of Yusuf used to reach me from the garden, Asad,Winter has laid waste my garment-garden.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मुझे गुलज़ार से यूसुफ़ की ख़ुशबू आती थी, असद, पर सर्दी ने मेरे वस्त्रों के बाग़ को तबाह कर दिया है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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