शम्अ'-आसा चे सर-ए-दा'वा व कू पा-ए-सबात
गुल-ए-सद-शो'ला ब-यक -जेब-ए-शकेबाई है
“Like a candle, what claim to permanence, and where its steadfast foot? A flower of a hundred flames resides in a single pocket of patience.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
एक शम्अ' (मोमबत्ती) के समान, स्थायित्व का क्या दावा और कहाँ उसका दृढ़ पाँव? सौ शोले वाला एक फूल धैर्य की एक जेब में समाया है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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