हम कहाँ के दाना थे किस हुनर में यकता थे
बे-सबब हुआ 'ग़ालिब' दुश्मन आसमाँ अपना
“What wisdom did we hold, in what art were we peerless?Without cause, Ghalib, the heavens turned against us.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
हम न तो ज़्यादा समझदार थे और न ही किसी कला में अद्वितीय थे। फिर भी, ग़ालिब, बिना किसी कारण के, आसमान (भाग्य) हमारा दुश्मन बन गया।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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