फ़क़ीर-ए-राह को बख़्शे गए असरार-ए-सुल्तानी
बहा मेरी नवा की दौलत-ए-परवेज़ है साक़ी
“The secrets of royalty were bestowed upon the ascetic of the path; O cupbearer, my praise is the wealth of the brave.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
राह के फकीर को शाही रहस्य दिए गए; साक़ी, मेरी प्रशंसा ही परवेज़ की दौलत है।
विस्तार
यह शेर एक बहुत ही गहरा एहसास कराता है। शायर कह रहे हैं कि जीवन में, भले ही आप कितने ही साधारण क्यों न हों, आपको वो रहस्य और वो कृपा मिल जाती है जो सिर्फ़ राजाओं के पास होती है। और दूसरी लाइन में... वो साक़ी से गुज़ारिश करते हैं कि ये जो ख़ुशी और ये दौलत है... इसे किसी साधारण मौके पर नहीं, बल्कि एक बड़े त्योहार की तरह बहा दें! यह एक रूहानी इल्तिजा है!
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