Sukhan AI
बे-ज़ौक़ नहीं अगरचे फ़ितरत
जो उस से न हो सका वो तू कर

If it is not distasteful, though nature Do that which could not be done by that one.

अल्लामा इक़बाल
अर्थ

अगर प्रकृति में कोई कमी न हो, तो वह काम कर जो उससे नहीं हो पाया।

विस्तार

यह शेर हमें अपनी सहज प्रकृति को स्वीकार करने की बात कहता है। अल्लामा इकबाल कहते हैं कि अगर आपकी फ़ितरत (nature) किसी चीज़ को हासिल नहीं कर पाई, तो भी आपको बे-ज़ौक़ महसूस नहीं करना चाहिए। हमें समाज की नज़रों से नहीं डरना है। बल्कि, हमें अपनी ख़ासियत पर भरोसा करना चाहिए और जो हमारे बस में है, वह हमें स्वयं करना चाहिए। यह आत्म-विश्वास का एक गहरा संदेश है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.