मैं हूँ सदफ़ तो तेरे हाथ मेरे गुहर की आबरू
मैं हूँ ख़ज़फ़ तो तू मुझे गौहर-ए-शाहवार कर
“If I am a mother-of-pearl, then my hands are yours, the beauty of the jewel; if I am the earth, then make me the magnificent jewel of the king.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
मैं अगर सीप (सदफ़) हूँ, तो मेरे हाथ तुम्हारे हैं, मेरे गहने के सौंदर्य हैं; और अगर मैं ज़मीन (ख़ज़फ़) हूँ, तो मुझे शाही गहने के शानदार रत्न बना दो।
विस्तार
यह शेर बताता है कि हमारी कीमत किसी के देखने के नज़रिए पर निर्भर करती है। शायर कह रहे हैं कि अगर मैं सिर्फ एक साधारण सा 'सदफ़' हूँ, तो भी आपके लिए मैं एक बेशकीमती 'गुहर' की इज़्ज़त हूँ। लेकिन अगर मैं कोयला हूँ, तो भी आप मुझे महफ़िल का सबसे शानदार 'गौहर' बना सकते हैं। यह तो हुस्न-ए-इम्तिहान है, जो आपकी निगाहों में है।
