न सितारे में है ने गर्दिश-ए-अफ़्लाक में है
तेरी तक़दीर मिरे नाला-ए-बेबाक में है
“Neither is it in the stars, nor is it in the cosmic sweep, It resides in my shameless, sorrowful cry.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
न तेरी तक़दीर सितारों में है, न यह गर्दिश-ए-अफ़्लाक में है। तेरी तक़दीर तो मेरे बेबाक नाला में है।
विस्तार
यह शेर बताता है कि महबूब का नसीब न तो सितारों में लिखा है, और न ही पूरे आकाश के घूमते चक्र में। बल्कि, यह तो शायर के अपने दिल के उस बेबाक, सच्चे नाला में छिपा है। यह एक बहुत ही गहरा एहसास है कि किसी का तक़दीर किसी के दिल के दर्द, उसकी आवाज़ में बसता है।
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