गिराँ-बहा है तो हिफ़्ज़-ए-ख़ुदी से है वर्ना
गुहर में आब-ए-गुहर के सिवा कुछ और नहीं
“If it is a fall, it is from the preservation of the self; otherwise, there is nothing but the water of the gem in the jewel.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
यदि यह गिरावट आत्म-संरक्षण से है, तो यह है; अन्यथा, रत्न में रत्न के पानी के सिवा कुछ नहीं है।
विस्तार
यह शेर अल्लामा इकबाल के दर्शन का निचोड़ है, जिसमें 'ख़ुदी' का ज़िक्र है। शायर कहते हैं कि अगर कोई गिरता है, तो वह किसी बाहरी वजह से नहीं, बल्कि ख़ुद की हिफ़ाज़त के लिए लड़ते हुए गिरता है। यानी, अपनी पहचान और आत्मसम्मान को बचाए रखना ही सबसे बड़ी ताक़त है। उनके अनुसार, किसी भी जगह की असली पहचान, उसके अपने मूल तत्व में होती है।
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