कोई बताए मुझे ये ग़याब है कि हुज़ूर
सब आश्ना हैं यहाँ एक मैं हूँ बेगाना
“Someone tell me, this one is missing, that the revered presence All are familiar here, but I am a stranger.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
कोई बताए मुझे यह ग़याब है कि हुज़ूर, सब यहाँ आश्ना हैं, पर मैं एक बेगाना हूँ।
विस्तार
यह शेर इंसान की उस गहरी तन्हाई को बयां करता है, जब आप भीड़ में होते हुए भी खुद को अकेला पाते हैं। शायर पूछते हैं कि क्या ग़ायब है? क्योंकि उन्हें लगता है कि सब लोग एक-दूसरे को जानते हैं, पर वह खुद किसी को नहीं जानता। यह अलगाव का एहसास है, एक ऐसा दर्द जो हमें भीड़ में भी महसूस होता है। यह एहसास कि आप इस दुनिया में एक अजनबी हैं।
