ज़ियारत-गाह-ए-अहल-ए-अज़्म-ओ-हिम्मत है लहद मेरी
कि ख़ाक-ए-राह को मैं ने बताया राज़-ए-अलवंदी
“My grave is the shrine of the great souls and the brave; I revealed the secret of Alavandi to the dust of the path.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
मेरी कब्र महान आत्माओं और हिम्मतवरों का मज़ार है; मैंने रास्ते की धूल को अलवंदी का रहस्य बताया।
विस्तार
इस शेर में शायर अपनी कब्र को एक साधारण जगह नहीं मानते। वो कहते हैं कि उनकी क़ब्र एक तीर्थ-स्थल है, एक ऐसी जगह जहाँ अज़म और हिम्मत का वास है! क्यों? क्योंकि उन्होंने इस ज़मीन की धूल को एक बहुत बड़ा राज़ बता दिया। यह राज़ सिर्फ़ शब्दों का नहीं है, बल्कि एक गहरा आध्यात्मिक संदेश है, जो उन्हें अमर बना देता है।
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