हरम के पास कोई आजमी है ज़मज़मा-संज
कि तार तार हुए जामा हाए एहरामी
“Near the harem, is there any courageous soul, whose presence would mend the tattered garment of this dwelling?”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
हरम के पास कोई ऐसा बहादुर व्यक्ति है जो ज़मज़मा-संज है, कि इस घर के फटे हुए कपड़े को ठीक कर दे।
विस्तार
यह शेर हमें पवित्रता और आस्था की देखभाल की याद दिलाता है। शायर एक सवाल पूछते हैं—क्या हरम के पास कोई ऐसा मौजूद है जो ज़मज़म के ज्ञान में माहिर हो? और क्यों? क्योंकि जो पवित्र वस्त्र (इहराम) हैं, वे तार-तार हो गए हैं। यह केवल एक कविता नहीं है, बल्कि यह जीवन के हर उस पहलू की बात करता है, जिसे हमें समय-समय पर सँवारने की ज़रूरत होती है।
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