Sukhan AI
मक़ाम-ए-परवरिश-ए-आह-ओ-लाला है ये चमन
न सैर-ए-गुल के लिए है न आशियाँ के लिए

This garden is a place for the agony and the sigh, Not for strolling among flowers, nor for building a nest.

अल्लामा इक़बाल
अर्थ

यह बाग़ आँसुओं और आहों को पालने का स्थान है, न कि फूलों की सैर या घोंसला बनाने के लिए।

विस्तार

यह शेर, अल्लामा इकबाल साहब का, खूबसूरती को एक नया आयाम देता है। वो कहते हैं कि कोई भी जगह, कोई भी बाग़, सिर्फ़ घूमने या बस रहने के लिए नहीं होता। इसका उद्देश्य कुछ गहरा होता है—यह जगह है आहों को पालने की, और प्यार को सींचने की। यह इश्क़ को महज़ एक शौक़ नहीं, बल्कि एक पाक और समर्पित अवस्था बता रहा है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.