उसी के फ़ैज़ से मेरी निगाह है रौशन
उसी के फ़ैज़ से मेरे सुबू में है जेहूँ
“From His grace, my gaze is illuminated, From His grace, my heart holds a glimpse of You.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
उसकी कृपा या तेज से मेरी नज़र जगमगाती है, और उसी कृपा से मेरे दिल में तुम्हें देखने की झलक है।
विस्तार
यह शेर 'फ़ैज़' की बात करता है, यानी किसी दिव्य और नज़दीकी कृपा की। शायर कह रहे हैं कि हमारी आँखें जिस रौशनी से देखती हैं, और हमारा दिल जिस सुकून में रहता है, वो सब एक ही स्रोत से आता है। यह एक तरह का इक़रार है... कि हमारा वजूद, हमारा देखना, सब उसी एक नूर से रोशन है। यह एहसास हमें विनम्र बनाता है।
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