फ़ारिग़ तो न बैठेगा महशर में जुनूँ मेरा
या अपना गरेबाँ चाक या दामन-ए-यज़्दाँ चाक
“My passion will not sit idly in the Day of Judgment, Either the wheel of my own waist or the skirt of Goddess Zerdastan's wheel.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
मेरा जुनून महशर के दिन यूँ ही नहीं बैठेगा; या तो मेरी अपनी कमर का चाक चलेगा या फिर यज़्दाँ के दामन का चाक।
विस्तार
यह शेर सिर्फ़ इश्क़ की बात नहीं करता, यह रूह की बेचैनी की बात करता है। शायर कहते हैं कि मेरा जुनून... मेरा जोश, आख़िरत के दिन भी शांत नहीं बैठेगा! यह तो या तो अपने दायरे में घूमता रहेगा... या फिर वह सीधे खुदा के दामन को थाम लेगा। यह एक ऐसी ऊर्जा है जो रुकना नहीं जानती।
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