जो ज़िक्र की गर्मी से शो'ले की तरह रौशन
जो फ़िक्र की सुरअत में बिजली से ज़ियादा तेज़
“One who is luminous like flames from the heat of mention, And faster than lightning in the beauty of thought.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
जिसका ज़िक्र की गर्मी से शोले की तरह तेज हो और फ़िक्र की सूरत में बिजली से ज़्यादा तेज़ हो।
विस्तार
यह शेर हमें याददाश्त और विचार की असीमित शक्ति के बारे में बताता है। शायर कहते हैं कि कुछ चीज़ें... सिर्फ़ ज़िक्र की गर्मी से शोले की तरह रौशन हो जाती हैं। और जो चीज़ें हम बस सोचते हैं, उनका तेज़ तो बिजली से भी ज़्यादा होता है। इसका मतलब है कि हमारे विचार... हमारी यादें... कितनी प्रचंड और शक्तिशाली हो सकती हैं! यह एक गहरा एहसास है कि मन की शक्ति, भौतिक दुनिया से कहीं ज़्यादा है।
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