માતેલા મોરલાના ટૌકા બોલે
ટૌકા બોલે, ધીરી ઢેલડ ડોલે. -આષાઢી.
“The calls of the amorous peacocks resound, The calls resound, the gentle peahen sways.”
— ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ
मस्त मोरों की आवाजें गूँजती हैं, आवाजें गूँजती हैं, धीरे-धीरे मोरनी डोलती है।
विस्तार
यह मनमोहक दोहा वर्षा ऋतु का एक जीवंत चित्र प्रस्तुत करता है। यह एक मदमस्त मोर की आनंदमय और गुंजायमान पुकारों का वर्णन करता है, जो शायद ताज़ा बारिश के कारण प्रेम या खुशी से भरा है। जैसे ही उसकी पुकारें हवा में गूँजती हैं, कोमल मोरनी धीरे-धीरे डोलती है, शायद नृत्य करती हुई या बस ऋतु के संगीत का आनंद लेते हुए। यह प्रेम, प्राकृतिक सौंदर्य और मानसून के ताज़ा आगमन की भावना को जगाता है, प्रकृति में शांतिपूर्ण आकर्षण और जीवंत जीवन के एक पल को दर्शाता है।
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