કોઈ દી સાંભરે નૈ
મા મને કોઈ દી સાંભરે ન
“I never recall,Mother, I never recall.”
— ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ
वक्ता कहता है कि उसे कभी कुछ याद नहीं आता, और वह यह बात अपनी माँ से कहता है।
विस्तार
यह दोहा उपेक्षा और अकेलेपन की गहरी भावना व्यक्त करता है। इसमें कहने वाला दुख के साथ कहता है कि "कोई मुझे कभी याद नहीं करता।" वे अपनी इस भावना को अपनी माँ को संबोधित करते हुए दोहराते हैं, कहते हैं, "माँ, मुझे कोई कभी याद नहीं करता।" यह उस व्यक्ति की मार्मिक पुकार है जो महसूस करता है कि दुनिया ने उसे पूरी तरह से भुला दिया है, और वह दूसरों से पहचान या शायद एक साधारण विचार की लालसा रखता है। यह अदृश्य होने के एक हृदयविदारक दुख को दर्शाता है।
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