કોક કોક વાર વળી રમ્મત વચાળે મારા
કાનમાં ગણગણ થાય;
“Sometimes, mid the play, my own ear A soft murmur hears;”
— ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ
कभी-कभी खेल के बीच मेरे कान में गुनगुनाहट होती है।
विस्तार
सोचिए आप किसी खेल में पूरी तरह मग्न हैं, खूब आनंद ले रहे हैं। तभी, कभी-कभी, इस खेल के बीच में ही, आपके कान में हल्की सी गुनगुन या भिनभिनाहट होती है। यह कोई तेज़ आवाज़ नहीं है, बल्कि एक नरम सी सरगोशी या धीमी सी भिनभिनाहट जैसी है। यह दोहा उसी सूक्ष्म पल का सुंदर वर्णन करता है। यह शायद कोई fleeting विचार हो सकता है, एक कोमल याद दिलाना, या बस एक छोटा सा ध्यान भटकाव जो आपके playful पल से आपकी एकाग्रता को कुछ पल के लिए तोड़ देता है। यह वो शांत, लगभग गुप्त आवाज़ है जिसे केवल आप ही सुन पाते हैं, आपके joyful खेल की धारा में एक छोटा सा व्यवधान।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
