“Crow and Kako (another name for crow), the dense forest green, the cuckoo, the Kako's gift. Whose sweet words are heard, that world embraces.”
कागा काको घन हरे, कोयल काको देय। मीठे शब्द सुनाय के, जग अपनो कर लेय। इसका शाब्दिक अर्थ है कि कागा और काको, जो घने हरे जंगल में हैं, और कोयल जो काको को भेंट देती है। जिनके मीठे शब्द सुने जाते हैं, संसार उन्हें अपना लेता है।
कबीर दास जी यहाँ कौवे और कोयल के माध्यम से वाणी की शक्ति समझाते हैं। कौवा न किसी का धन छीनता है और न कोयल किसी को कुछ देती है, लेकिन अपनी मीठी बोली से कोयल पूरी दुनिया को अपना बना लेती है। यह हमें सिखाता है कि धन या बाहरी चीजों से ज़्यादा हमारे बोले गए शब्द महत्वपूर्ण हैं। मधुर वाणी से हम हर किसी का दिल जीत सकते हैं।
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