काल करे सो आज कर , आज करे सो अब। पल में प्रलय होएगी , बहुरि करेगा कब॥ 24॥
“What should be done tomorrow, do it today; what should be done today, do it now. For in a moment, there will be a great deluge, when then will you do it?”
— कबीर
अर्थ
कल का कार्य आज करो और आज का कार्य अभी करो। क्योंकि पल भर में प्रलय आ जाएगी, तब तुम यह कार्य कब करोगे।
विस्तार
कबीर दास जी इस दोहे में केवल समय प्रबंधन की बात नहीं करते, बल्कि जीवन की क्षणभंगुरता पर एक गहरा दार्शनिक संदेश देते हैं। वे हमें सिखाते हैं कि किसी भी काम को कल पर टालना नहीं चाहिए, क्योंकि 'प्रलय' यानी अप्रत्याशित संकट किसी भी पल आ सकता है। यह अद्भुत दोहा हमें याद दिलाता है कि हमारा सबसे अनमोल धन 'वर्तमान' है, जिसका हमें पूरा सदुपयोग करना चाहिए।
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