क्षमा बड़े न को उचित है , छोटे को उत्पात। कहा विष्णु का घटि गया , जो भुगु मारीलात॥ 241॥
“Forgiveness is appropriate for the great, but an outrage for the small. To say that Vishnu's pot has emptied, what a foolish boast!”
— कबीर
अर्थ
क्षमा बड़े लोगों के लिए उचित है, लेकिन छोटे लोगों के लिए यह उत्पात है। यह कहना कि विष्णु का घड़ा खाली हो गया, कितना मूर्खतापूर्ण दावा है।
विस्तार
यह दोहा हमें सिखाता है कि बड़े लोग तो आसानी से माफ कर देते हैं, पर छोटे दिमाग वाले अक्सर छोटी-छोटी बातों पर ही बवाल खड़ा कर देते हैं। इसमें 'विष्णु के घट' का जिक्र है, जो असीम शक्ति और धैर्य का प्रतीक है। कवि हमें बताते हैं कि ये सोचना कितना बेवकूफी भरा है कि विष्णु जैसा महान भी कम हो सकता है, बस एक लात मारने से। असल में, यह हमें विनम्र रहने और किसी भी चीज पर बेवजह घमंड न करने की सीख देता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
← Prev41 / 10
