Sukhan AI
ग़ज़ल

कबीर दोहे (201-300)

कबीर दोहे (201-300)
कबीर· Ghazal

ये दोहे मनुष्य को कर्मकांडों और बाहरी दिखावे के बजाय आंतरिक साधना, प्रेम और भक्ति के महत्व का उपदेश देते हैं। कबीर कहते हैं कि केवल बाहरी दिखावे से या बिना सच्चे प्रेम के जीवन व्यर्थ है। सच्चा जीवन वह है जहाँ मन को योगी बनाकर और ज्ञान के द्वारा कर्मों के बंधनों से मुक्ति प्राप्त की जाए।

गाने लोड हो रहे हैं…

No shers available.

कबीर दोहे (201-300) | Sukhan AI