हीरा वहाँ न खोलिये , जहाँ कुंजड़ों की हाट। बांधो चुप की पोटरी , लागहु अपनी बाट॥ 35॥
“Do not open a heart there, where the market of monkeys gathers. Tie the bundle of silence, and let your own path be sure.”
— कबीर
अर्थ
शायर कह रहे हैं कि ऐसे स्थान पर अपना दिल न खोलें, जहाँ मूर्खों या आवारा लोगों का जमावड़ा हो। चुपचाप रहना और अपनी राह पर ध्यान देना ही सबसे अच्छा है।
विस्तार
कबीर दास जी यहाँ हमें सिखा रहे हैं कि अपने अनमोल विचारों और भावनाओं को हर किसी के सामने उजागर नहीं करना चाहिए। 'कुंजड़ों की हाट' उन लोगों या जगहों का प्रतीक है जहाँ आपकी सच्ची बातों को समझा या सराहा नहीं जाएगा। इसलिए, अपने मौन की पोटरी बांधकर, हमें अपनी राह पर चलते रहना चाहिए, जहाँ हमारे आंतरिक रत्न सुरक्षित रहें।
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