जबही नाम हिरदे घरा , भया पाप का नाश। मानो चिंगरी आग की , परी पुरानी घास॥ 71॥
“Whenever the name (of the divine) is taken in the heart, sins are destroyed. It is as if a spark of fire falls upon old grass.”
— कबीर
अर्थ
जब भी हृदय में नाम लिया जाता है, पाप का नाश हो जाता है। यह वैसा ही है जैसे आग की एक चिंगारी पुरानी घास पर गिरती है।
विस्तार
कबीर दास जी यहाँ कितनी ख़ूबसूरती से समझाते हैं कि जब हम सच्चे दिल से भगवान का नाम अपने हृदय में बसा लेते हैं, तो हमारे सारे पाप ऐसे नष्ट हो जाते हैं जैसे आग की एक छोटी सी चिंगारी पुरानी और सूखी घास को पल भर में भस्म कर देती है। यह सिर्फ नाम लेना नहीं, बल्कि भीतर से की गई एक सच्ची पुकार है जो हमारी आत्मा को तुरंत शुद्ध कर देती है। यह हमें सिखाता है कि भक्ति की शक्ति कितनी गहन और परिवर्तनकारी है।
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