“O God, bestow upon me the company of such a valiant soul,Who lets not mere circumstance become my destiny's goal.”
हे खुदा, मुझे ऐसे दिलेर व्यक्ति का साथ दे, जो परिस्थितियों को मेरा भाग्य न बनने दे।
यह शेर एक दिल से निकली हुई प्रार्थना है। इसमें शायर खुदा से एक ऐसे दिलेर दोस्त की संगत मांग रहा है, जो बहादुर और हिम्मतवाला हो। ऐसा दोस्त क्यों चाहिए? ताकि वह उन्हें अपनी परिस्थितियों से ऊपर उठने में मदद कर सके और महज इत्तेफाकों या हालातों को उनका मुकद्दर न बनने दे। यह इस बात का पैगाम है कि हमें ऐसे साथी की तलाश करनी चाहिए जो हमें अपने भविष्य के लिए लड़ने की प्रेरणा दे, यह सुनिश्चित करे कि अस्थायी चुनौतियां हमारी स्थायी किस्मत न बन जाएं। यह उस साथी की चाहत है जो आपको अपनी किस्मत खुद गढ़ने की शक्ति दे, न कि जीवन में आने वाली हर बात को चुपचाप स्वीकार कर लेने की।
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