“Rana sent a cup of poison, Mira drank it with a smile.”
राणा ने विष का प्याला भेजा, और मीरा उसे पीते हुए मुस्कुराई।
यह दोहा संत कवयित्री मीराबाई की एक प्रसिद्ध कथा बताता है। इसमें वर्णित है कि कैसे राणाजी ने मीरा के लिए विष का प्याला भेजा था। लेकिन मीरा ने उसे डरकर पीने के बजाय, अपने आराध्य भगवान कृष्ण में अटूट विश्वास के साथ मुस्कुराते हुए पी लिया। किंवदंती है कि उनकी प्रबल भक्ति के कारण वह विष अमृत में बदल गया और उन्हें कोई हानि नहीं हुई। यह पंक्ति मीरा की गहरी आध्यात्मिक शक्ति और अपने दिव्य प्रिय के प्रति उनके पूर्ण समर्पण को खूबसूरती से दर्शाती है। यह उनकी अद्भुत हिम्मत और कृष्ण की सुरक्षा में उनके विश्वास का प्रमाण है, जो दर्शाता है कि आस्था सभी बाधाओं पर विजय पा लेती है।
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
