ग़ज़ल

इशारे क्या निगह-ए-नाज़-ए-दिलरुबा के चले

اشارے کیا نگۂ ناز دل ربا کے چلے
मीर अनीस· Ghazal· 9 shers· radif: के चले

यह ग़ज़ल महबूब की कातिलाना निगाहों के सितम और सांसारिक प्रेम के दर्द को बयां करती है। इसके साथ ही यह मानवीय कमज़ोरियों, गुनाहों के बोझ और ईश्वर के समक्ष पश्चाताप व विनम्र समर्पण के गंभीर भाव को दर्शाती है।

Source: rekhta · HI

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लिपि व अर्थ
1
इशारे क्या निगह-ए-नाज़-ए-दिलरुबा के चले सितम के तीर चले नीमचे क़ज़ा के चले
महबूब की नाज़ भरी नज़रों के क्या इशारे चले कि ज़ुल्म के तीर चलने लगे और मौत के ख़ंजर चल पड़े।
2
गुनह का बोझ जो गर्दन पे हम उठा के चले ख़ुदा के आगे ख़जालत से सर झुका के चले
जब हम अपनी गर्दन पर गुनाहों का बोझ उठाकर चले, तो ख़ुदा के सामने शर्मिंदगी और पछतावे से अपना सिर झुकाकर चले।
3
तलब से आर है अल्लाह से फ़क़ीरों को कहीं जो हो गया फेरा सदा सुना के चले
फ़क़ीरों को ख़ुदा से भी कुछ माँगने में संकोच या शर्म आती है; अगर कभी वे कहीं से गुज़रते भी हैं, तो बस अपनी सदा लगाकर आगे बढ़ जाते हैं।
4
पुकारे कहती थी हसरत से ना'श आशिक़ की सनम किधर को हमें ख़ाक में मिला के चले
आशिक़ का शव हसरत से पुकार कर कह रहा था कि ऐ महबूब, तुम हमें मिट्टी में मिलाकर अब किधर जा रहे हो।
5
मिसाल-ए-माही-ए-बे-आब मौजें तड़पा कीं हबाब फूट के रोए जो तुम नहा के चले
जब आप स्नान करके वहां से चले, तो पानी की लहरें बिना पानी की मछली की तरह तड़पती रहीं और बुलबुले फूट-फूट कर रो पड़े।
6
मक़ाम यूँ हुआ इस कारगाह-ए-दुनिया में कि जैसे दिन को मुसाफ़िर सरा में आ के चले
दुनिया के इस कारखाने में हमारा ठहरना कुछ ऐसा ही रहा, जैसे कोई मुसाफ़िर दिन के समय किसी सराय में थोड़ी देर रुककर आगे बढ़ जाता है।
7
किसी का दिल न किया हम ने पाएमाल कभी चले जो राह तो च्यूँटी को भी बचा के चले
हमने कभी किसी का दिल नहीं दुखाया और जब भी रास्ते पर चले तो एक चींटी को भी बचाकर चले।
8
मिला जिन्हें उन्हें उफ़्तादगी से औज मिला उन्हीं ने खाई है ठोकर जो सर उठा के चले
जिन्हें भी ऊँचा मुकाम मिला है, वह आजिज़ और विनम्र रहने से ही मिला है, जबकि घमंड में सिर उठाकर चलने वालों को हमेशा ठोकर ही लगी है।
9
'अनीस' दम का भरोसा नहीं ठहर जाओ चराग़ ले के कहाँ सामने हवा के चले
ऐ अनीस, ज़िंदगी की एक साँस का भी कोई भरोसा नहीं है इसलिए ज़रा ठहर जाओ; तुम चिराग़ लेकर तेज़ हवा के सामने कहाँ जा रहे हो?
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