नाज़-बरदार-ए-लब है जाँ जब से
तेरे ख़त की ख़बर को पाती है
“When the charming lips, my soul, are informed of your letter's news,”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
जब से तुम्हारे पत्र के आने की खबर मिली है, मेरी जान होंठों पर आ टिकी है और बड़े लाड़ से वहीं ठहर गई है।
विस्तार
यह शेर बताता है कि महबूब के ख़त का असर किसी के ज़ेहन और जिस्म दोनों पर होता है। शायर कहते हैं कि जब से उसे आपके ख़त की ख़बर मिली है, उसके लबों की नज़ाकत... उनकी अदा ही बदल गई है। यह महज़ एक तारीफ़ नहीं है, बल्कि यह एहसास है कि आपकी बातें उसके जीवन का हिस्सा बन गई हैं और उसकी खूबसूरती भी उससे जुड़ी है।
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