बख़्त-ए-सियह ने देर में कल यावरी सी की
थी दुश्मनों से उस को लड़ाई तमाम शब
“The black fate, late in the night, acted like a lover; / He fought the enemies throughout the entire night.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
बख़्त-ए-सियह ने देर रात में कल यारी की थी; दुश्मनों से उससे पूरी रात लड़ाई हुई।
विस्तार
यह शेर हमें ज़िंदगी के गहरे सच से रूबरू कराता है। 'बख़्त-ए-सियह' यानी काला कपड़ा, यहाँ मुश्किलों और अंधेरे को दर्शाता है। शायर कह रहे हैं कि जब तक कोई चीज़ या मदद हमें मिलनी है, वो तुरंत नहीं मिलती। वो तो एक पूरी रात तक, दुश्मनों से लड़ती रहती है... और जब सुबह होती है, तब जाकर हमें उसकी यारी का एहसास होता है। यह एहसास दिलाता है कि हर मुश्किल के बाद एक रौशनी ज़रूर आती है।
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