दरवेश हैं हम आख़िर दो-इक निगह की रुख़्सत
गोशे में बैठे प्यारे तुम को दुआ करेंगे
“We are dervishes, after all, of two eyes' farewell glance; / In the corner, dear one, we will pray for you.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
हम दरवेश हैं, आखिर दो आँखों की विदाई की नज़र के; गोशे में बैठे प्यारे, हम तुम्हें दुआ करेंगे।
विस्तार
यह शेर विदाई की एक बहुत ही गहरी और शांत भावना को दर्शाता है। शायर कहते हैं कि मैं तो दरवेश हूँ, मतलब मैं दुनिया के मोह-माया से परे हूँ। मेरी विदाई भी कोई हंगामा नहीं है, बस एक नज़र का अलविदा है। लेकिन इस अलगाव के बावजूद, वह गोशे में बैठे प्यारे को दिल से दुआएँ देना चाहते हैं। यह विरह और प्रेम का एक बहुत ही नाज़ुक संगम है।
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