आलम मिरे है तुझ पर आई अगर क़यामत
तेरी गली के हर-सू महशर हुआ करेंगे
“If the Day of Judgment should come upon your abode, Every corner of your street shall become a gathering place.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
अगर तुम्हारे घर पर क़यामत आ जाए, तो तुम्हारी गली के हर कोने पर महशर हो जाएगा।
विस्तार
यह शेर इश्क़ की हद को बयान करता है। मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि अगर मुझ पर क़यामत आ जाए... और उस क़यामत की वजह आप हों, तो आपकी गली का हर कोना महशर जैसा हो जाएगा। यह सिर्फ़ एक अतिशयोक्ति नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि महबूब का असर इतना गहरा है कि वो आपके वजूद का ही हिस्सा बन जाता है।
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