शोला अफ़्शानी नहीं ये कुछ नई इस आह से
दूँ लगी है ऐसी ऐसी भी कि सारा बन जला
“This sorrow is not a familiar tale, it is something new, / It has taken hold of me so deeply that my whole being has burned.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
यह शोला अफ़शानी नहीं, यह कुछ नई इस आह से दूँ लगी है, ऐसी ऐसी भी कि सारा बन जला।
विस्तार
यह शेर भावनाओं की विनाशकारी शक्ति को बयान करता है। मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि जो आग लगी है, वो कोई बड़ी, दिखती हुई ज्वाला नहीं है, बल्कि यह तो बस एक आह से निकली है। यह छोटी सी आह इतनी बड़ी है कि पूरे वन को जलाकर राख कर गई है। यह बताती है कि दिल में छोटी सी बात भी कितना बड़ा तबाही मचा सकती है।
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