ज़ब्त सरिश्क-ए-ख़ूनीं से जी क्यूँके शाद हो
अब दिल की तरफ़ लोहू का सारा बहाओ है
“From the bloodied forehead, why are you joyful? Now, let the entire flow of blood be poured towards the heart.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
खून से सने माथे से जी क्योंके शाद हो। अब दिल की तरफ़ लोहू का सारा बहाओ है।
विस्तार
यह शेर दर्द की एक गहरी, लेकिन खूबसूरत तसल्ली है। शायर पूछ रहे हैं कि जब सिर पर ख़ून के दाग़ हों, तो खुशी कैसे मिल सकती है! वह कहते हैं कि अब तो जो भी दर्द है, जो भी 'ख़ून' है, उसे दिल की तरफ़ बहा देना चाहिए। यह दर्द को स्वीकार करने और भावनाओं को पूरी तरह महसूस करने का एक नज़रिया है।
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