न रक्खी मिरी ख़ाक भी उस गली में
कुदूरत मुझे है निहायत सबा से
“Neither my dust was I keeping in that lane, For nature, to me, is utterly delightful.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मेरा मतलब है कि मैंने उस गली में अपनी धूल भी नहीं रखी थी, क्योंकि प्रकृति मेरे लिए बहुत ही आनंददायक है।
विस्तार
यह शेर अस्तित्व की नज़ाकत और यादों के महत्व को बयां करता है। शायर कहते हैं कि उनका वजूद तो बस 'सबा' (हवा) पर टिका है, इतनी गहरी dependency है कि उन्हें लगता है कि उस गली में उनकी राख भी नहीं रखी गई। यह एक उदास इज़हार है—मैं सुंदरता पर इतना निर्भर हूँ, कि मुझे खुद की अहमियत भी कम महसूस हो रही है।
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