इसी तक़रीब उस गली में रहे
मिन्नतें हैं शिकस्ता-पाई की
“Near this very alley, we once stayed, Where broken hopes pleaded and prayed.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
इसी तक़रीब उस गली में रहे, जहाँ शिकस्ता-पाई की मिन्नतें थीं।
विस्तार
यह शेर उस दर्द की गहराई को बयां करता है जो दिल से निकलता है। 'शिकस्ता-पाई की मिन्नतें' का मतलब है वो इल्तिजा जो टूटी हुई, कमज़ोर और बार-बार ज़मीन पर गिरती है। शायर कहते हैं कि ये मिन्नतें उस गली में ही रह गई हैं, मतलब कि ये यादें, ये एहसास... ये कभी मिटते नहीं। यह एक ऐसी मोहब्बत की कहानी है जो बस एक आहट बनकर रह जाती है।
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