दिल गया होश गया सब्र गया जी भी गया
शग़्ल में ग़म के तिरे हम से गया क्या क्या कुछ
“My heart is lost, my senses are gone, my patience is gone, even my life is gone; what all have you taken from me in your sorrowful spell?”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मेरा दिल, होश, सब्र और जीवन सब कुछ खो गया है; तुम्हारे ग़म के जादू में तुमने मुझसे क्या-क्या छीन लिया?
विस्तार
यह शेर मिर्ज़ा तक़ी मीर ने अपने गहरे इश्क़ और दर्द को बयां किया है। शायर कह रहे हैं कि महबूब के गम ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया है। दिल, होश, सब्र... सब कुछ छिन गया है। यह सिर्फ़ शारीरिक दर्द नहीं है, बल्कि एक ऐसी भावनात्मक तबाही है, जहाँ महबूब का गम एक जादू की तरह सब कुछ छीन लेता है।
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