जमशेद जिस ने वज़' किया जाम क्या हुआ
वे नसीहतें कहाँ गईं कीधर वे नाव-नोश
“Where did the magic of the cup go, that Jamshid had sworn to measure? Where have gone the counsels, oh, where is that boat-sailer?”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
जमशेद ने जिस तरह से जाम को मापने का दावा किया था, उसका क्या हुआ? और वे नसीहतें कहाँ गईं, और वह नाव-नोश कहाँ है?
विस्तार
देखिए, यह शेर एक बहुत गहरे सवाल को उठाता है। शायर पूछ रहे हैं कि जिस जाम में जमशेद ने इतनी समझदारी और नसीहत भरी थी, वो सब कहाँ चली गईं? और वो नाविक, जो हमें जीवन की राह दिखाते थे, वो कहाँ गुम हो गए? यह पंक्तियाँ बताती हैं कि ज़िंदगी में ज्ञान और मार्गदर्शन कितना अनिश्चित होता है, और समय के साथ सब कुछ बिखर जाता है।
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