मुँह दिखाता बरसों वो ख़ुश-रू नहीं
चाह का यूँ कब तलक नाता रहा
“For years he showed his face, yet he was not beloved, How long can this relationship of desire last?”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
बरसों से उसका चेहरा दिख रहा, पर वह प्रिय नहीं है; यह चाह का रिश्ता और कब तक रहेगा।
विस्तार
यह शेर लंबे समय तक चले धोखे और छल की बात करता है। शायर पूछ रहे हैं कि वो शख़्स, जो बरसों से बस एक मुखौटा पहने रहा, वो सच्चा कब था? यह सवाल हमें सिखाता है कि झूठे रिश्ते कितनी जल्दी टूट जाते हैं, और प्यार व भरोसे की असल परिभाषा क्या होती है।
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