सुना जाता है शहर-ए-इश्क़ के गिर्द
मज़ारें ही मज़ारें हो गई हैं
“The tales are told around the city of love, That only graves remain, graves only.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
कहा जाता है कि इश्क़ के शहर के चारों ओर केवल मक़बरे ही मक़बरे हो गए हैं।
विस्तार
यह शेर प्रेम की विडंबना को बहुत गहराई से बयान करता है। शायर कह रहे हैं कि इश्क़ का शहर कोई रौनक वाली जगह नहीं है, बल्कि मक़बरों का ढेर है। इसका मतलब है कि मोहब्बत का सफ़र कितना भी खूबसूरत लगे, उसका अंजाम हमेशा तन्हाई और दर्द ही होता है। यह प्रेम की नश्वरता पर एक गहरा विचार है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
