इन्हीं गलियों में जब रोते थे हम 'मीर'
कई दरिया की धारें हो गई हैं
“In these very lanes, when we wept, O Meer, Many rivers of sorrow have flowed by.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
इन्हीं गलियों में जब हम रोते थे, तो कई दरिया की धाराएँ हो गई हैं।
विस्तार
यह शेर दर्द की उस गहराई को बयां करता है जो सिर्फ़ आँसुओं तक सीमित नहीं होती। शायर कह रहे हैं कि जो ग़म हम इन गलियों में महसूस करते थे... वह सिर्फ़ बहने वाले पानी जैसा नहीं था। वह इतना गहरा था कि उसने जीवन की कई नदियाँ... अपने भीतर बना दी हैं। यह दर्द की उस कलाकारी को सलाम है जो हमें इंसान बनाती है।
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