की शुस्त-ओ-शोबदन की जिस दिन बहुत सी उन ने
धोए थे हाथ मैं ने उस दिन ही अपनी जाँ से
“The day that many of them, who are slack and sleepy, washed their hands, on that very day I sacrificed my life.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
जिन दिन कई लोगों ने, जो सुस्त और नींद में डूबे थे, अपने हाथ धोए थे, उसी दिन मैंने अपनी जान दे दी।
विस्तार
यह शेर बहुत गहरे त्याग की बात करता है। शायर कहते हैं कि जिस दिन लोगों ने अपने हाथ धोए—यानी अपने कर्मों से खुद को पाक किया—उस एक पल में, शायर को अपनी जान की कीमत चुकानी पड़ी। यह केवल हाथ धोने की बात नहीं है.... यह तो इंसान की नैतिक ज़िम्मेदारी और सच्चाई की सबसे बड़ी क़ीमत को बयां करता है।
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